सहभागी ब्रांड स्कोडा इंडिया आने वाले वर्ष में अपना खेल बदलने जा रही है। कंपनी अब अधिक वैश्विक मॉडल्स को भारत में लाने पर ध्यान दे रही है, जबकि इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के मामले में अभी से कदम नहीं बढ़ा रही है।
ग्लोबल मॉडल्स का प्रवाह बढ़ेगा
ब्रांड डायरेक्टर Ashish Gupta के अनुसार, भारत में वर्तमान लोकल-बिल्ट पोर्टफोलियो जैसा है वैसा ही रहेगा। लेकिन 2025 में कंपनी कुछ प्रमुख ग्लोबल मॉडल्स को इंपोर्ट करके लुक और उत्साह दोनों बढ़ाना चाहती है। उदाहरण के लिए, लोकल-बनाई गई कारें जैसे Kushaq, Slavia और Kylaq के साथ-साथ आनेवाले समय में इनकी अपडेटेड वेरिएंट्स और इम्पोर्टेड लक्ज़री मॉडल्स देखने को मिल सकते हैं।
इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) लॉन्च फिलहाल रोका
जहाँ स्कोडा इंडिया ने बड़े बदलाव की योजना बनाई है, वहीं EV-सेगमेंट में तुरंत प्रवेश का फैसला फिलहाल नहीं लिया गया है। आशीष गुप्ता के अनुसार, नीति, FTA (मुक्त व्यापार समझौते) और अन्य पॉलिसी-अनिश्चितताएँ इस निर्णय को प्रभावित कर रही हैं। कंपनी कहना चाहती है कि EV भविष्य है, लेकिन भारत में अभी ऐसा रोडमैप स्पष्ट नहीं है जिसमें तुरंत शुरुआत हो सके।
आगे का फोकस
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आने वाले वर्ष में ग्लोबल मॉडल्स की इम्पोर्ट-लॉन्च पर जोर रहेगा।
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लोकल-बिल्ट मॉडल्स को अपडेट करने पर काम होगा, जैसे Kushaq और Slavia।
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EV-अप्रोच को तब तक रोका गया है जब तक पॉलिसी-दिशा, सप्लायर-नेटवर्क और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर स्पष्ट नहीं हो जाता।
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कंपनी की रणनीति भारत को केवल एक बिक्री-बाजार के रूप में नहीं, बल्कि विकास एवं ग्लोबल एक्सपोर्ट हब के रूप में देखने की है।
बिक्री और मार्केट शेयर की स्थिति
इस साल जनवरी से अक्टूबर के बीच भारत में स्कोडा ने लगभग 61,000 यूनिट्स की बिक्री की है। कंपनी का लक्ष्य है कि भारतीय पैसेंजर व्हीकल बाजार में लगभग 2 % की हिस्सेदारी बनाए रखे।
